चंद्रमा तथा ग्रहों का वर्णन

astrology.31471639_std

चंद्रमा तथा ग्रहों का वर्णन:चंद्रमा के स्थान से 3 लाख योजन उपर नक्षत्र मंडल ,उससे 2 लाख उपर शुक्र कभी सूर्य के आगे और कभी पीछे तथा कभी साथ साथ तीव्र मन्द और समान गतियों से चलचे हुए परिक्रमा करते रहते हैं। यह मनुष्यों के लिए अनुकूल ही रहते हैं। यह भार्गव शुक्र वर्षा के विध्नों को सदा सदा के लिए दूर करने वाले हैं।

शुक्र से उपर 2 लाख योजन की दूरी पर बुध बताए गए हैं,ये भी शुक्र के समान तीव्र मन्द तथा सम गतियों के साथ सदा भ्रमण करते रहते हैं।

ये चंद्र पुत्र बुध जब सूर्य की गति का उलंधन करके चलते हैं,उस समय ये आंधी,विधुत्पात और वृष्ति आदि के भय की सूचना देते हैं।

solarsys_scale

उनसे भी उपर 2 लाख योजन की दूरी पर मंगल है,यदि वे वक्रगति न चले तो एक-एक राशि को तीन तीन पक्षों में भोगते हुएबारह राशियों को पार करते हैं। ये प्राय: अशुभ करने वाले तथा अमंगल के सूचक हैं।

उनसे उपर 2 लाख योजन पर ब्रहस्पति हैं,यदि वे वक्री ना होकर भ्रमण करें तो एक-एक को एक दो वर्ष में भोगते हैं,वे प्राय: ब्रम्हवादियों के अनुकूल रहते हैं।

उनसे उपर 2 लाख पर भयंकर शनि हैं, सूर्य के पुत्र कहे जाने वाले ये महाग्रह शनि एक एक राशि की 30-30 महीनों में भोगते हुए सभी राशियों का परिभ्रमण करते रहते हैं।श्रेष्ठ कालज्ञ में शनि को सबके लिए अशुभ बताया गया है।

इनसे भी उपर 11 लाख योजन की दूरी पर सप्तऋषियों का मंडल बताया गया है।सातों ऋषी प्राणियों के कल्याण की कामना करते हुए जो विष्णुपद है,उस ध्रुव लोक की प्रदक्षिणा करते हैं।

planets-formation-lead

ग्रह का शरीर के प्रति निवास स्थान का वर्णन- मुख के ठोढ़ी में अगस्त,नीचे की ठोढ़ी में यमराज,मुख में मंगल और जननेद्रिय में शनि स्थित कहे गए हैं।इसके कुबुद पर ब्रहस्पति,वक्ष पर ग्रहपति,सूर्य ह्रदय में नारायण और मन में चंद्रमा स्थित रहते हैं।दोनो स्तनों में दोनो अश्विनि और अश्विनि कुमारों तथा नाभि में शुक्र का स्थान कहा गया है।प्राण और अपान में बुध,गले में राहु और केतु एवं सभी अंगों तथा रोम कूपों में तारागण कहे गए हैं।

परम बुद्धिमान साधक को चाहिए कि वह प्रतिदिन सायंकाल के समय मौन धारण करके अपने ह्रदय में भगवान को स्थित देखते हुए दिव्य स्वरुप का ध्यान करे तो उस व्यक्ति का उस समय का किया हुआ पाप तत्काल नष्ट हो जाता है।

पंडित शिव कुमार शुक्ल,ज्योतिर्विद

Advertisements

Leave a Reply

Fill in your details below or click an icon to log in:

WordPress.com Logo

You are commenting using your WordPress.com account. Log Out / Change )

Twitter picture

You are commenting using your Twitter account. Log Out / Change )

Facebook photo

You are commenting using your Facebook account. Log Out / Change )

Google+ photo

You are commenting using your Google+ account. Log Out / Change )

Connecting to %s

%d bloggers like this:
search previous next tag category expand menu location phone mail time cart zoom edit close