नवरात्रि में शक्ति की करें आराधना

Maa Navdurga Ji

नवरात्रि का पावन और पवित्र त्योहार की तैयारियां खुब जोरशोर से चल रही है।बाजारों में पूजा सामग्री खरीदने के लिए भीड़ लगी हुई है। अपने देश में लगभग सभी हिन्दू धर्म के अनुयायी ” माँ दुर्गा जी के नौ शक्ति-रूप “ की पूजा -पाठ – अर्चना करते हैं।और साथ ही कुछ लोग पूरे नौ दिन का व्रत रखतें हैं।और कुछ लोग पहले दिन और अंतिम यानि की अष्टमी या फिर नवमी का व्रत रखतें हैं।

नवरात्रि की महिमा दिनोंदिन बढती जा रही है।अर्थात नवरात्रि में व्रत रहने का चलन केवल महिलाएं ही नहीं।पुरुषों में भी इसकी भागीदारी कहीं इससे ज्यादा है।माँ दुर्गा के सभी नौ रूपों की पूजा मंदिरों मे तो होती ही है।साथ ही घर घर में मां की पूजा बडे ही विधि विधान से की जाती है।मां के पावन नवरात्र मे दान पुण्य का भी महत्व बढ़ जाता है।देवी मां की महिमा अपरम्पार है। इस नवरात्रि के शुभ पर्व पर ” देवी माँ ” अपने सभी भक्तजन के ह्रदय में निवास करें।उनकी सभी मनोकामनाए पूरी हों। नवरात्रि पर्व आप सब के लिए शुभ और मंगलदायी हो।

संपूर्ण ब्रह्मण्ड का संचालन करने वाली जो शक्ति है,उस शक्ति को शास्त्रो ने आद्या शक्ति की संज्ञा दी है…. देवी सुक्त में कहा गया है-

या देवी सर्व भूतेषु शक्तिरूपेण संस्थिता।

नमस्तस्यै, नमस्तस्यै, नमस्तस्यै नमो नमः।।

“अर्थात जो देवी अग्नि,पृथ्वी,वायु,जल,आकाश और समस्त प्राणियों में शक्ति रूप में स्थित है, उस शक्ति को नमस्कार, नमस्कार, बारबार मेरा नमस्कार है।”

इस शक्ति को प्रसन्न करने के लिए नवरात्र काल का अपना विशेष महत्व है… मां दुर्गा को प्रसन्न करने के लिए नवरात्र में कुछ बातो का विशेष ध्यान रखना चाहिए…नवरात्र में साधक को व्रत रखकर माता दुर्गा की उपासना करनी चाहिए..माता दुर्गा की उपासना से सभी सांसारिक कष्टो से मुक्ति सहज ही हो जाती है…

नवरात्रि में घट स्थापना के बाद संकल्प लेकर पूजा स्थान को गोबर के लेप से लीपकर वहां एक बाजट पर लाल कपडा बिछाकर,उस पर माता दुर्गा की प्रतिमा या चित्र को स्थापित करें… पंचोपचार पुजा कर धूप-दीप एवं अगरबती जलाए… फिर आसन पर बैठकर रूद्राक्ष की माला सें किसी एक मंत्र का यथासंभव जाप करें।

 नवरात्रि में पूजन करते समय विशेष ध्यान रखें-

1-दुर्गा पूजन में लाल रंग के फूलों का उपयोग अवश्य करें। कभी भी तुलसी,आंवला,आक एवं मदार के फूलों का प्रयोग ना करें । दुर्वा भी ना चढ़ाएं ।

2-पूजन काल में लाल रंग के आसन का प्रयोग करें । यदि लाल रंग का ऊनी आसन मिल जाए तो उत्तम अन्यथा लाल रंग या काल कंबल प्रयोग कर सकते है…

3-पूजा करते समय लाल रंग के वस्त्र पहने और कुमकुम का तिलक लगाएं।

4-नवरात्र में दुर्गा के नाम की ज्योति अवश्य जलाएं। अखण्ड ज्योत जला सकते है तो उत्तम है। अन्यथा सुबह शाम ज्योत अवश्य जलाएं।

5-नवरात्र काल में नौ दिन व्रत कर सकें तो उत्तम अन्यथा प्रथम नवरात्र चतुर्थ नवरात्र एवं होमाष्टमी के दिन उपवास अवश्य करें।

6-नवरात्र काल में नव कन्याओं को अन्तिम नवरात्र को भोजन अवश्य कराए। नौ कन्याओं को नव दुर्गा मान कर पूजन करें।

7-नवरात्र काल में दुर्गा सप्तशती का एक बार पाठ पुर्ण मनोयोग से अवश्य करना चाहिए।

नवरात्री में जाप करने के लिए विशेष मंत्र-

1 ओम दुं दुर्गायै नमः

2 ऐं ह्मीं क्लीं चामुंडाये विच्चै

3 ह्मीं श्रीं क्लीं दुं दुर्गायै नमः

4 ह्मीं दुं दुर्गायै नमः

इस प्रकार  से मां की पूजा अर्चना करने से भक्तों की सभी मनोंकामनाए पूरी हो जाती हैं,और उन्हें मनवांछित फल प्राप्त होता है।

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